इक ओंकार सति नामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुर प्रसादि
बाबा नानक; Nanak Shah · ਸਤਿਗੁਰੂ ਨਾਨਕ
No comments yet.
Comments
Log in to commentNo comments yet.